आर्थिक वृद्धि और विकासरू एनरिको कोलंबाट्टो के दृष्टिकोण का विश्लेषण
Authors: डाॅ. इन्द्र सिंह
DOI: https://doi.org/10.37082/IJIRMPS.v10.i1.233076
Short DOI: https://doi.org/hb2shz
Country: India
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Abstract: यह शोध-पत्र आर्थिक वृद्धि के लिए एक व्यक्तिनिष्ठ दृष्टिकोण तथा विकास के लिए एक संस्थागत दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। विशेष रूप से “विकास” शब्द का संबंध उन प्रचलित नियमों से है, जो आर्थिक गतिविधियों के प्रारंभ के लिए आवश्यक प्रमुख तत्वों जैसे संपत्ति अधिकार और उत्पादक उद्यमिता को प्रभावित करते हैं। दूसरी ओर, “वृद्धि” को ऐसे अनुकूल संस्थागत वातावरण का परिणाम माना गया है, जहाँ अवसरों का उपयोग किया जाता है और व्यक्ति अपनी जीवन-स्थितियों में सुधार करने में सफल होते हैं। यह अध्ययन पद्धति तथा मानक के आधार पर हाल के बढ़ते साहित्य की वैधता पर प्रश्न उठाता है, जिसमें संस्थागत निर्माण पर चर्चा की जाती है, परन्तु उसमें संस्थागत अर्थशास्त्र की भूमिका अपेक्षाकृत सीमित रहती है।
Keywords: वृद्धि, विकास, संस्थागत अर्थशास्त्र
Paper Id: 233076
Published On: 2022-01-07
Published In: Volume 10, Issue 1, January-February 2022
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