समावेषी शिक्षा में आईसीटी की भूमिका: अवसर, चुनौतियाँ एवं भविष्य की संभावनाएँ
Authors:
Shanti Benedicta Toppo
, Santosh Jagwani
DOI: https://doi.org/10.37082/IJIRMPS.v14.i4.233180
Short DOI: https://doi.org/hccwdx
Country: India
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Abstract:
शिक्षा के क्षेत्र में आईसीटी एक महत्वपूर्ण परिर्वनकारी शक्ति के रूप में उभरी है। किसी भी प्रकार की शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक बाधाओं के कारण पांरपरिक शिक्षा प्रणाली में पूर्ण रूप से भागीदारी नहीं कर पाते हैं, विशेष रूप से समावेशित शिक्षा के क्षेत्र में आईसीटी ने उन विद्याार्थियों के लिए सीखने के नए अवसर प्रदान किए हैं। समावेशित शिक्षा का मुख्य उद्वेश्य सभी विद्याार्थियों को उनकी व्यक्तिगत आवष्यकताओं, क्षमताओं और विविधताओं के अनुरूप समान एवं गुणवतापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। आईसीटी इस उद्वेश्य की प्राप्ति में एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य का रही है।
यह शोध लेख समावेशित शिक्षा में आईसीटी की भूमिका, इसके द्वारा उपलब्ध अवसरों, वर्तमान चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि आईसीटी आधारित शिक्षण सामग्री, सहायक तकनीक, आॅनलाइन शिक्षण मंच, डिजिटल पुस्तकालय एवं कृत्रिम बुद्धिमता आधारित उपकरण विशेष आवष्यकता वाले विद्याार्थियों के लिए शिक्षा को अधिक सुलभ और प्रभावी बना सकती है। साथ ही डिजिटल विभाजन, आधारभूत संरचनाकी कमी, शिक्षक प्रशिक्षण, आर्थिक सीमाएँ, तथा साइबर सुरक्षा जैसी चुनौतियों पर भी चर्चा की गई है।
Keywords: समावेषित षिक्षा, आईसीटी, डिजिटल षिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमता।
Paper Id: 233180
Published On: 2026-07-28
Published In: Volume 14, Issue 4, July-August 2026
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