कृषि में नवाचार का पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामों पर प्रभावरू एक समाजशास्त्रीय अध्ययन।
Authors: राकेश कुमार, डाॅ. ममता रानी
Country: India
Full-text Research PDF File:
View |
Download
Abstract: प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि नवाचारों के किसान व्यवहार एवं जीवन-स्तर पर पड़ने वाले प्रभावों का अनुभवजन्य विश्लेषण करना है। भारतीय ग्रामीण समाज में कृषि नवाचार जैसे उन्नत/संकर बीज, आधुनिक सिंचाई तकनीक, संतुलित उर्वरक, कृषि यंत्रीकरण तथा डिजिटल कृषि सेवाएँ किसानों की उत्पादन प्रक्रिया, निर्णय-प्रक्रिया और आजीविका रणनीतियों को निरंतर प्रभावित कर रहे हैं। अध्ययन में वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक शोध डिजाइन अपनाया गया तथा प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आँकड़ों का उपयोग किया गया। प्राथमिक आँकड़े पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चयनित ग्रामों के किसानों से संरचित साक्षात्कार अनुसूची के माध्यम से संकलित किए गए। अध्ययन के निष्कर्ष दर्शाते हैं कि कृषि नवाचारों के अपनाने से किसानों के व्यवहार में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है, जहाँ परंपरागत अनुभव-आधारित निर्णयों के स्थान पर प्रशिक्षण, बाजार संकेतों और सूचना-आधारित निर्णयों को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही, अधिकांश किसानों की आय, उपभोग स्तर, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच में सुधार दर्ज किया गया है, जो जीवन-स्तर में सकारात्मक परिवर्तन को इंगित करता है। हालांकि, नवाचारों की उच्च लागत, तकनीकी ज्ञान की कमी और वित्तीय संसाधनों की सीमित उपलब्धता जैसी चुनौतियाँ अब भी बनी हुई हैं।
Keywords: कृषि नवाचार, किसान व्यवहार, जीवन-स्तर, ग्रामीण विकास, पश्चिमी उत्तर प्रदेश
Paper Id: 233188
Published On: 2026-01-06
Published In: Volume 14, Issue 1, January-February 2026
All research papers published in this journal/on this website are openly accessible and licensed under