‘‘माध्यमिक स्तर पर अध्ययनरत विद्यार्थियों की संवेगात्मक बुद्विमत्ता के सम्बंध में शैक्षिक उपलब्धि का अध्ययन‘‘
Authors: प्रताप कुमार सिकदार, कोमल यादव
DOI: https://doi.org/10.37082/IJIRMPS.v13.i2.232694
Short DOI: https://doi.org/g9v43t
Country: India
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Abstract: शिक्षा केवल बौद्धिक विकास तक सीमित न रहकर आज एक समग्र विकास की प्रक्रिया बन चुकी है, जिसमें संज्ञानात्मक, भावनात्मक, सामाजिक और नैतिक पक्षों की समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि को प्रभावित करने वाले कारकों में परंपरागत रूप से बुद्धिलब्धि, पारिवारिक पृष्ठभूमि, संसाधन, अध्यापक का योगदान आदि को प्रमुखता दी जाती रही है, किंतु हाल के वर्षों में मनोवैज्ञानिकों एवं शिक्षाविदों का ध्यान एक नवीन और अत्यंत प्रभावशाली तत्व की ओर गया हैकृसंवेगात्मक बुद्धिमत्ता (म्उवजपवदंस प्दजमससपहमदबम)। यह अवधारणा यह स्पष्ट करती है कि विद्यार्थियों की भावनात्मक जागरूकता, आत्मनियंत्रण, आत्मप्रेरणा, सहानुभूति और सामाजिक कौशल उनकी शैक्षणिक सफलता के निर्णायक घटक बन सकते हैं, विशेष रूप से माध्यमिक स्तर पर, जहाँ छात्र अपने जीवन के एक अत्यंत संवेदनशील और परिवर्तनशील चरण से गुजर रहे होते हैं। माध्यमिक शिक्षा स्तर वह अवस्था होती है जिसमें छात्र न केवल शैक्षणिक दृष्टिकोण से गंभीर प्रतिस्पर्धा का सामना करते हैं, बल्कि भावनात्मक, सामाजिक और व्यवहारिक रूप से भी अनेक परिवर्तन और संघर्षों से गुजरते हैं। इस काल में छात्रों की भावनाएँ तीव्र होती हैं, आत्म-सम्मान का विकास होता है, सामाजिक पहचान की खोज प्रारंभ होती है तथा पारिवारिक एवं शैक्षणिक दबाव का प्रभाव अत्यधिक होता है। इन परिस्थितियों में यदि विद्यार्थी भावनात्मक रूप से जागरूक और संतुलित नहीं होते, तो वे तनाव, कुंठा, चिंता एवं आत्म-विश्वास की कमी जैसी समस्याओं से ग्रसित हो सकते हैं, जो सीधे उनकी शैक्षणिक उपलब्धि को प्रभावित कर सकती है। अतः यह अध्ययन अत्यंत प्रासंगिक है कि किस प्रकार संवेगात्मक बुद्धिमत्ता माध्यमिक स्तर पर अध्ययनरत विद्यार्थियों की शैक्षणिक सफलता को आकार देने में सहायक हो सकती है। इस अध्ययन का प्रमुख उद्देश्य यह है कि संवेगात्मक बुद्धिमत्ता की विभिन्न उप-घटनाओंकृजैसे आत्म-चेतना, आत्म-नियंत्रण, प्रेरणा, सहानुभूति और सामाजिक कुशलताकृका विश्लेषण करते हुए यह जाना जा सके कि वे विद्यार्थियों के अध्ययन व्यवहार, परीक्षा प्रदर्शन, सहपाठी संबंधों, आत्मविश्वास और समग्र शैक्षणिक प्रगति को किस प्रकार प्रभावित करते हैं। इस शोध में माध्यमिक स्तर पर अध्ययनरत विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन का तुलनात्मक मूल्यांकन उनकी संवेगात्मक बुद्धिमत्ता के स्तर के साथ किया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि उच्च या निम्न संवेगात्मक स्तर वाले विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक उपलब्धि में क्या अंतर पाया जाता है।
Keywords: माध्यमिक स्तर, संवेगात्मक बुद्धिमत्ता, शैक्षिक उपलब्धि
Paper Id: 232694
Published On: 2025-04-17
Published In: Volume 13, Issue 2, March-April 2025
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