पारदर्शिता, जबाबदेही और भ्रष्टाचार के नियंत्रण में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की भूमिका का समाजषास्त्रीय अध्ययन
Authors: कमल सिंह, ममता रानी
Country: India
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Abstract: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 भारतीय लोकतंत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा सुशासन को सुदृढ़ करने का एक सशक्त विधिक उपकरण है, जिसने नागरिकों को सरकारी कार्यप्रणाली में प्रत्यक्ष भागीदारी का अवसर प्रदान किया है। प्रस्तुत समाजशास्त्रीय अध्ययन मुरादाबाद जिले के संदर्भ में यह विश्लेषण करता है कि किस प्रकार आरटीआई अधिनियम ने प्रशासनिक संरचनाओं, सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति, तथा भ्रष्टाचार नियंत्रण की प्रक्रियाओं को प्रभावित किया है। अध्ययन में प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आंकड़ों का उपयोग करते हुए सर्वेक्षण, साक्षात्कार एवं दस्तावेजीय विश्लेषण के माध्यम से नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के अनुभवों और दृष्टिकोणों को समाहित किया गया है। निष्कर्ष दर्शाते हैं कि आरटीआई के प्रभावी उपयोग से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ी है, निर्णय-निर्माण प्रक्रियाओं में उत्तरदायित्व की भावना विकसित हुई है तथा प्रशासनिक अनियमितताओं पर सामाजिक निगरानी सशक्त हुई है। मुरादाबाद जिले में नागरिकों द्वारा सूचना प्राप्ति के बढ़ते प्रयासों ने न केवल सेवा वितरण में सुधार किया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार की प्रवृत्तियों को उजागर कर उनके नियंत्रण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तथापि, अध्ययन यह भी इंगित करता है कि सूचना अधिकारियों की उदासीनता, प्रक्रियागत जटिलताएँ, समयबद्ध उत्तर की कमी, तथा जागरूकता के अभाव जैसी बाधाएँ अधिनियम की प्रभावशीलता को सीमित करती हैं। इसके बावजूद, आरटीआई को लोकतांत्रिक सशक्तिकरण का एक सुदृढ़ माध्यम मानते हुए यह स्पष्ट होता है कि यदि संस्थागत क्षमता निर्माण, तकनीकी नवाचार, और जन-जागरूकता अभियानों को समन्वित रूप से लागू किया जाए तो सूचना का अधिकार अधिनियम स्थानीय शासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने में निर्णायक योगदान दे सकता है, जिससे सामाजिक न्याय, प्रशासनिक नैतिकता तथा जन-विश्वास को सुदृढ़ आधार प्राप्त होगा।
Keywords: सूचना का अधिकार, पारदर्शिता, जवाबदेही, भ्रष्टाचार नियंत्रण
Paper Id: 233075
Published On: 2026-04-23
Published In: Volume 14, Issue 2, March-April 2026
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