International Journal of Innovative Research in Engineering & Multidisciplinary Physical Sciences
E-ISSN: 2349-7300Impact Factor - 9.907

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पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं की सहभागिता एवं नेतृत्व क्षमता का समाजशास्त्रीय विश्लेषण

Authors: सविता कुमारी, ममता रानी

Country: India

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Abstract: पंचायती राज व्यवस्था भारतीय लोकतंत्र की सबसे निचली इकाई के रूप में ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 73वें संविधान संशोधन के पश्चात महिलाओं को पंचायतों में आरक्षण प्रदान किए जाने से उनकी सहभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की सहभागिता एवं उनके नेतृत्व क्षमता का समाजशास्त्रीय विश्लेषण करना है। इस अध्ययन में यह समझने का प्रयास किया गया है कि किस प्रकार सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक एवं पारिवारिक कारक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रभावित करते हैं तथा उनके नेतृत्व विकास में सहायक या बाधक बनते हैं। ग्रामीण समाज में पितृसत्तात्मक संरचना, शिक्षा का अभाव, आर्थिक निर्भरता और सामाजिक रूढ़ियाँ महिलाओं की स्वतंत्र निर्णय क्षमता को सीमित करती हैं, जिसके कारण कई बार महिलाएँ केवल नाममात्र की प्रतिनिधि बनकर रह जाती हैं। इसके बावजूद आरक्षण नीति ने महिलाओं के लिए राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश के नए अवसर उत्पन्न किए हैं, जिससे उनकी आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और सामाजिक पहचान में सकारात्मक परिवर्तन देखा गया है। अध्ययन से यह भी स्पष्ट होता है कि प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम और परिवार तथा समाज का सहयोग महिलाओं के नेतृत्व कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई मामलों में महिलाएँ सक्रिय रूप से विकास कार्यों में भाग ले रही हैं और स्थानीय समस्याओं के समाधान में प्रभावी योगदान दे रही हैं। अतः यह शोध निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि यदि महिलाओं को पर्याप्त सामाजिक समर्थन, शिक्षा एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए तो वे न केवल प्रभावी प्रतिनिधि बन सकती हैं, बल्कि पंचायत स्तर पर सशक्त नेतृत्व का भी निर्माण कर सकती हैं, जिससे ग्रामीण विकास की प्रक्रिया और अधिक समावेशी एवं संतुलित बन सके।

Keywords: पंचायती राज, महिला सहभागिता, नेतृत्व क्षमता, समाजशास्त्रीय विश्लेषण


Paper Id: 233106

Published On: 2025-03-12

Published In: Volume 13, Issue 2, March-April 2025

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